Wednesday, 9 August 2017

है रंग बिरंगी मेरी चाहतें

है रंग बिरंगी मेरी चाहतें
उड़ने लगी आसमां को छूने
,
होने लगी दिल में मेरे हलचल
कल्पनाओं संग लगा मचलने
,
पकड़ डोर गुब्बारों के संग संग
छूने चला आसमां उड़ते उड़ते
,
छेड़ा हवा ने बादल ने पकड़ा
पगला दीवाना लगा खेलने
,
प्रीत के तराने गाने लगा दिल
साज प्रेम के आज  लगे बजने

रेखा जोशी