Saturday, 21 October 2017

दोहे दीपावली पर


दीप जगमगाते रहें , रोशन  करें जहान
आई  है दीपावली, सजा  है हिन्दुस्तान
,
खुशियाँ बरसे अब यहाँ, मिले यही वरदान
ऎसा  उजियारा  करो, दीप्त हो   हर स्थान
,
जाति पाती भेद मिटे, सब हो यहां समान
मानवता  परमों  धर्म, बाँट जगत में ज्ञान

रेखा जोशी

Friday, 20 October 2017

मुक्तक


ज़िन्दगी में बहुत कुछ  है धन माना
सबको   नाच  नचाता  है धन जाना
रिश्तों  के ऊपर  अब है दौलत यहाँ
करे  हर   किसी  को दौलत दीवाना

रेखा जोशी

मुक्तक


कान्हा   के रूप में ईश्वर ने  लिया अवतार
जन्म लिया धरती पर पैदा हुआ तारणहार
वासुदेव ने सर  धर कान्हा  गोकुल पहुँचाया
देवकी ने जाया उसे यशोदा से मिला  दुलार
..
हे माखनचोर नन्दलाला ,मुरली मधुर है बजाये 
धुन सुन  मुरली की गोपाला ,राधिका मन मुस्कुराये 
चंचल नैना चंचल चितवन, गोपाला से प्रीति हुई
कन्हैया से छीनी मुरलिया  , बाँसुरिया अधर लगाये 

रेखा जोशी 

रेखा जोशी

खुशी लाती दिवाली जले नेह का दीप


दीप जलाये सबने रोशन हुआ जहान
सज रही सभी गलियाँ अब सजा हिन्दुस्तान 
,
एक दीपक तो जलाओ अपने अंतस में 
फैैलाओ  उजाला करो दीप्त हर स्थान 
,
घर   घर  हो   उजियारा  दूर  हो अंधेरा
जात पात का भेद मिटे सब जन एक समान
,
जगमग जगमग दीप जले आई दिवाली
खुशियाँ बरसे घर घर ऎसा मिले वरदान
,
खुशी लाती दिवाली जले नेह का दीप
मानवता परम धर्म जगत में बाँट ज्ञान

रेखा जोशी 

मुट्ठी  भर   दाने  अपने  आँगन  में  बिखेरता हूँ

मुट्ठी  भर   दाने  अपने  आँगन  में  बिखेरता हूँ
मैं उन चिड़ियों को अक्सर दाना दुनका  देता हूँ
,
एक से बढ़कर एक लुभाती सुंदर चिड़िया अंगना
चहकती   फुदकती  दाने   चुगते  उन्हें देखता  हूँ
,
चहचहाने  से  उनके  चहक  उठता  आंगन मेरा
वीरान  नैनों   में  भर  खुशियाँ यहां  समेटता  हूँ
,
सुबह शाम  करें कलरव मधुर रस कानों में घोले
मधुर गीतो से  झोली में फिर   जिंदगी  भरता हूँ
,
रिश्ता उनसे अनोखा मेरा है हर रिश्ते से ऊपर
कभी कभी दिल की बातें भी उनसे कर लेता हूँ

रेखा जोशी

Wednesday, 18 October 2017

फुलवारी


अँगना खिली आज फुलवारी है
फ़ूलों  से  महकी अब क्यारी  है
नाचते  झूम  झूम   मोर  बगिया
कुहुके   कोयल   डारी  डारी  है

रेखा जोशी

गणेश वंदना

गणपति बप्पा सुन लो पुकार हमारी 
डोले   नाव   बीच    मझधार  हमारी 
,
हे   गजानन   विघ्नेश्वर  विघ्नहर्ता 
लगा   दीजिये    नैया   पार   हमारी 
,
हे   गौरी  नंदन  सबके   दुःखहर्ता
सुन लो प्रार्थना   इस  बार   हमारी
,
अर्पित करे  हम मोदक  और मेवा
जिंदगी  बप्पा  दो   संवार  हमारी
,
विराजो अब भगवन बुद्धि में सदा तुम
तुम  पर  प्रभु है भक्ति  अपार  हमारी

रेखा जोशी